लोकतंत्र
आज़ादी का मतलब कोई उन्हें समझाओ,
जियो और जीने दो, पाठ उनको पढ़ाओ।
थोड़े ज्यादा क्या रुझान मिले, जैसे भगवान ही बन गए।
जिनके थोड़े कम आये, वो भी तो इंसान ना रहे।
जिनके थोड़े कम आये, वो भी तो इंसान ना रहे।
सत्ता में बैठे दानवों को भगाएं, हम उनको सबक सिखाएं।
कुछ दानव कह रहे थे, इसबार आप हमें खुदा बनायें।
कुछ दानव कह रहे थे, इसबार आप हमें खुदा बनायें।
चुनना, नकारना, अब हमारे हाथ कहाँ?
मिल जाते सब एक ही साथ, जब सत्ता हो वहां!
इंसान को इंसान ही रहने दो, योगी कुछ ऐसा चक्कर चलाओ।
आओ, कुछ सवाल हम उनसे करे, इंसान हो तुम जरा उनको याद दिलाओ।
आओ, कुछ सवाल हम उनसे करे, इंसान हो तुम जरा उनको याद दिलाओ।
-गोसाव्यांचा योगेश
७ दिसंबर, २०२१
७ दिसंबर, २०२१
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