अच्छा नहीं लगता
कुछ तो गलत कर रहे है हम
पर क्या? ये पता नहीं चलता।
क्या करे समझ ना आये तब अच्छा नहीं लगता।
सफर तो हर कोई कर रहा है।
पूरा भी सब को करना है।
किसी का पड़ाव इतनी जल्दी था।
ये सोच के अच्छा नही लगता।
ऐसे निकल गया तू आधे रास्ते में,
मिले तुझसे अरसा हुआ था।
क्यूँ ना मिले फुरसत में कभी?
याद करके अच्छा नहीं लगता।
समझ आयी है किमत जिंदगी की,
जो करना है आज, ये भी तय कर लिया दोस्त।
पर ईसके लिये तुझे जाना पड़ा।
ये जान के अच्छा नहीं लगता, अच्छा नहीं लगता।
-योगेश गोसावी
२२ जुलाई, २०२०
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