बचपना जवानी का!
इंतज़ार करने में थोड़ा कच्चा हूँ।
अपनी दुनिया के कायदे तुम हमें ना बताना,
रियासत का अपनी हूँ मैं इकलौता शहजादा।
होगा थोड़ा मुश्किल तुम्हें हम से यूँ उलझना,
ना कर पायेंगे हम कोई भी वफ़ा किसीसे दोबारा।
लुटाने गर आये हो तो लूट ही जायेंगे,
लेने गर आये हो तो बस यादें ही दे पायेंगे।
हो मंजूर तो ईस बच्चे को ना और सताना,
लूटो और भर जाओ अपनी यादों का खजाना!
-योगेश गोसावी
२३ दिसम्बर, २०१९
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